लखनऊ • 1 नवंबर 2026
मुख्य बातें
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शहरी नियोजन पर स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका में आदेश दिया।
- राज्य सरकार से लखनऊ समेत प्रदेश के शहरों और कस्बों के लिए भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से शहरी नियोजन का विस्तृत रोडमैप तैयार करने को कहा गया।
- एलडीए और आवास विकास परिषद को हलफनामे पर बताना है कि लेआउट प्लान में ट्रांसफार्मर और पुलिस चौकी, थाने व ट्रैफिक बूथ की जगह का प्रावधान है या नहीं।
- नगर निगम को 4 सप्ताह में नागरिक सुविधाओं पर सुझाव देने हैं; राज्य सरकार से अस्पताल, क्लीनिक और फायर स्टेशन के लिए ज़मीन आरक्षित करने के प्रावधानों पर जवाब मांगा गया।
कोर्ट ने क्या कहा
अमर उजाला के अनुसार न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने कहा कि राजधानी समेत प्रदेश के शहरों और कस्बों में भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर शहरी नियोजन का विस्तृत रोडमैप बनाया जाए, ताकि नई कॉलोनियों और विकसित हो रहे कस्बों में लोगों को ज़रूरी सुविधाएं मिल सकें। कोर्ट ने राज्य सरकार, एलडीए, आवास विकास परिषद और नगर निगम को इस बारे में प्रस्ताव और प्रावधान पेश करने का निर्देश दिया है। (अमर उजाला, 1 नवंबर 2026)
| किससे | क्या मांगा गया |
|---|---|
| एलडीए और आवास विकास परिषद | लेआउट प्लान में ट्रांसफार्मर की जगह का प्रावधान है या नहीं; नियम और सुझाव हलफनामे के साथ |
| एलडीए और आवास विकास परिषद | लेआउट प्लान में पुलिस चौकी, थाने और ट्रैफिक पुलिस बूथ की व्यवस्था है या नहीं |
| नगर निगम | नागरिक सुविधाओं से जुड़े सुझाव, 4 सप्ताह में |
| राज्य सरकार | अस्पताल, क्लीनिक और फायर स्टेशन के लिए ज़मीन आरक्षित करने के प्रावधानों पर जवाब |
रिपोर्ट में आदेश की तारीख और अगली सुनवाई की तारीख नहीं दी गई है।
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- यह आदेश अभी किसी योजना के नियम नहीं बदलता। सरकार और प्राधिकरणों के जवाब के बाद ही तय होगा कि आगे के लेआउट में ये जगहें अनिवार्य होंगी या नहीं।
- कॉलोनी में प्लॉट या फ्लैट लेते समय उसका स्वीकृत लेआउट देखें: पार्क, ट्रांसफार्मर, सामुदायिक सुविधाओं की ज़मीन कहाँ छोड़ी गई है। लेआउट में तय सुविधा की जगह पर बना प्लॉट बाद में विवाद में फंस सकता है।
- स्वीकृत नक्शा और लेआउट कैसे देखें: एलडीए से पास नक्शा कैसे जाँचें।
खरीदने से पहले जाँच कराएँ
खतौनी, रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance), LDA/जिला पंचायत की मंज़ूरी और कोर्ट केस — आवासीय प्लॉट और फ़्लैट के लिए ₹5,000, 48 घंटे में PDF रिपोर्ट। देखें हम क्या-क्या जाँचते हैं →
स्रोत: अमर उजाला, 1 नवंबर 2026