लखनऊ • 26 अक्टूबर 2026
मुख्य बातें
- सरोजनीनगर तहसील प्रशासन ने गहरू गांव में एनबीआरआई (भारत सरकार) की ज़मीन पर चल रही अवैध प्लॉटिंग जेसीबी से ध्वस्त की।
- करीब 1.5 हेक्टेयर ज़मीन खाली कराकर एनबीआरआई को कब्ज़ा दिलाया गया। बाज़ार कीमत करीब ₹15 करोड़।
- गाटा संख्या 591ख की कुल 4.828 हेक्टेयर ज़मीन एनबीआरआई के नाम दर्ज है।
- सूर्यास्त के कारण बची करीब 3 हेक्टेयर ज़मीन पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी; यह भी आने वाले दिनों में खाली कराई जाएगी।
क्या हुआ
दैनिक भास्कर के अनुसार अवैध प्लॉटिंग की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी अभिषेक सिंह और तहसीलदार जेपी सिंह ने टीम बनाकर सोमवार (26 अक्टूबर) को कार्रवाई कराई। क्षेत्रीय लेखपाल कुमार सौरभ के अनुसार बची हुई ज़मीन से भी कब्ज़ा हटाकर उसे एनबीआरआई को सौंपा जाएगा। तहसील अधिकारियों ने कहा कि सरकारी और संस्थागत ज़मीन पर अवैध कब्ज़ों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। (दैनिक भास्कर, 26 अक्टूबर 2026)
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्लॉटिंग किसने की थी और क्या किसी ने इस ज़मीन पर प्लॉट खरीदे थे। ऐसे मामलों में प्लॉट खरीदने वाले का पैसा फंस जाता है, क्योंकि सरकारी ज़मीन की रजिस्ट्री का कोई कानूनी आधार नहीं होता। एलडीए की हाल की ऐसी कार्रवाई: चिनहट और बीकेटी में 45 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- प्लॉट खरीदने से पहले उसकी गाटा संख्या की खतौनी निकालें। खतौनी में ज़मीन किसी सरकारी विभाग, संस्थान, ग्राम सभा या "बंजर/तालाब" के नाम दर्ज हो तो सौदा न करें।
- डीलर सिर्फ "बैनामा" या "इकरारनामा" दिखाए, तो देखें कि बेचने वाले का नाम खतौनी में है या नहीं। बड़े प्लॉट को छोटे टुकड़ों में बेचा जा रहा है तो एलडीए का स्वीकृत ले-आउट मांगें।
- अवैध कॉलोनियां पहचानने का तरीका: एलडीए अवैध कॉलोनी सूची और जांच।
खरीदने से पहले जाँच कराएँ
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स्रोत: दैनिक भास्कर, 26 अक्टूबर 2026, हिन्दुस्तान, 26 अक्टूबर 2026 (हेडलाइन)