लखनऊ • 3 नवंबर 2026

मुख्य बातें

  • उत्तर प्रदेश में भारत लैंड स्टैक परियोजना लागू होगी — जमीन और मकान से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही पोर्टल पर।
  • पोर्टल पर मिलेगा: भूमि स्वामित्व, भूखंड की सीमाएं, रजिस्ट्री, भवन निर्माण की स्वीकृति, मास्टर प्लान, भू-उपयोग, सर्किल रेट, बंधक (mortgage) और कोर्ट में लंबित विवादों का ब्योरा।
  • मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक सोमवार को हुई।
  • यह जीआईएस आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है; इससे खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी।

एक पोर्टल पर जमीन-मकान की पूरी कुंडली

उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जल्द ही एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इसके लिए प्रदेश में भारत लैंड स्टैक परियोजना लागू की जाएगी, जिस पर भूमि स्वामित्व, भूखंडों की सीमाएं, रजिस्ट्री, भवन निर्माण की स्वीकृति, मास्टर प्लान, भू-उपयोग, सर्किल रेट, बंधक और न्यायालय में लंबित विवादों का ब्योरा मिलेगा। इससे लोगों को जानकारी के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को परियोजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाएगी। परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रमुख सचिव (स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन) की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें राजस्व परिषद समेत संबंधित विभागों के अधिकारी होंगे। सभी विभागों को भूमि संबंधी आंकड़ों के डिजिटलीकरण और एकीकरण में तेजी लाने को कहा गया।

खरीद-बिक्री में बढ़ेगी पारदर्शिता

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा के अनुसार भारत लैंड स्टैक एक जीआईएस आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है, जिसमें भूमि अधिकार अभिलेख, कैडस्ट्रल मैप, ड्रोन व सैटेलाइट तस्वीरें, संपत्ति पंजीकरण, भवन निर्माण स्वीकृतियां, भू-उपयोग, मास्टर प्लान, सर्किल रेट, किरायेदारी और लीज संबंधी विवरण डिजिटल लेयर के रूप में जोड़े जाएंगे। मालिकाना हक और कानूनी प्रतिबंधों की जानकारी एक साथ मिलने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी, और भूमि अधिग्रहण, शहरी नियोजन व संपत्ति कर निर्धारण आसान होगा।

खरीदारों के लिए इसका मतलब

यह परियोजना अभी शुरुआती (योजना) चरण में है — अभी कोई पोर्टल आम लोगों के लिए चालू नहीं हुआ है। जब तक यह पूरी तरह लागू नहीं होता, किसी भी प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त स्थिति और कोर्ट केस की जांच खुद या पेशेवर से करानी जरूरी है।

खरीदने से पहले जाँच कराएँ

खतौनी, रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance), LDA/जिला पंचायत की मंज़ूरी और कोर्ट केस — आवासीय प्लॉट और फ़्लैट के लिए ₹5,000, 48 घंटे में PDF रिपोर्ट। देखें हम क्या-क्या जाँचते हैं →

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स्रोत: अमर उजाला, दैनिक जागरण (3 नवंबर 2026)