लखनऊ • 3 नवंबर 2026

मुख्य बातें

  • लखनऊ विकास प्राधिकरण की 188वीं बोर्ड बैठक (2 नवंबर, पारिजात सभागार) की अध्यक्षता मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की; वरुण विहार और नैमिष नगर के फेज-2 के ले-आउट प्लान तथा कृषि से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दी गई।
  • इन दोनों योजनाओं के विकास व जमीन खरीद के लिए बैंक ऑफ इंडिया से ₹1,000 करोड़ का ऋण (जरूरत पड़ने पर) लेने का प्रस्ताव पास।
  • सीतापुर रोड की प्रबंध नगर योजना (~840 हेक्टेयर) को सैद्धांतिक मंजूरी; मुआवजा ₹2.57 लाख से बढ़ाकर ₹1.10 करोड़/बीघा; हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लॉन्च होगी।
  • आईटी सिटी और वेलनेस सिटी में लैंड पूलिंग के तहत 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन देने वाले भू-स्वामियों को 50% अविकसित भूखंड वापस।
  • ₹431 करोड़ से 4 मल्टीलेवल पार्किंग (विवेक खंड, इकाना के पास, अंबेडकर पार्क के पास, पत्रकारपुरम), 1,500+ वाहन क्षमता।
  • बल्क परचेस प्रस्ताव खारिज; एक व्यक्ति दो प्लॉट वाला प्रस्ताव विधानसभा चुनाव तक टाल दिया गया।

वरुण विहार और नैमिष नगर फेज-2 को मंजूरी

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित हो रही वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के फेज-2 के ले-आउट प्लान को बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इन योजनाओं की अधिग्रहीत कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार फेज-2 आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित होगा, और विकास कार्यों में फंड की कमी न हो, इसके लिए बैंक ऑफ इंडिया की इमर्जिंग कॉरपोरेट क्रेडिट ब्रांच से स्वीकृत ₹1,000 करोड़ के ऋण का इस्तेमाल आवश्यकतानुसार किया जाएगा। वरुण विहार योजना में ग्राम समाज की 319.4698 हेक्टेयर जमीन शामिल करने का प्रस्ताव भी पास हुआ।

प्रबंध नगर योजना को सैद्धांतिक मंजूरी

करीब 20 साल से अटकी सीतापुर रोड की प्रबंध नगर योजना को बोर्ड ने मंजूरी दे दी। एलडीए सचिव सुशील प्रताप सिंह के अनुसार योजना के खिलाफ न्यायालय भूमि अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा कोर्ट) और हाईकोर्ट में कुल 56 किसानों ने मुकदमा किया था; इनमें 44 ने लारा कोर्ट में बढ़े मुआवजे की मांग की। लारा कोर्ट ने मुआवजा ₹2.57 लाख से बढ़ाकर ₹1,10,70,000 प्रति बीघा तय किया है। करीब 840 हेक्टेयर में प्रस्तावित यह योजना करीब दो लाख आबादी को आवासीय सुविधा देगी। हाईकोर्ट में अब महज 12 केस बचे हैं; हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के खारिज/निस्तारण के बाद ही योजना लॉन्च की जाएगी। एलडीए ग्रीन बेल्ट पर निर्माण नहीं करेगा।

आईटी सिटी व वेलनेस सिटी: 50% जमीन वापसी

मंडलायुक्त ने कहा कि एलडीए की लैंड पूलिंग नीति से किसानों और मूल भू-स्वामियों को कई गुना अधिक लाभ मिलेगा। बोर्ड ने तय किया कि आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना में लैंड पूलिंग के माध्यम से 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन देने वाले भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अविकसित भूखंड वापस लौटाया जाएगा — यानी विकसित होते इलाके में उन्हें सीधे बहुमूल्य संपत्ति का स्वामित्व मिलेगा। लैंड पूलिंग योजना की एसओपी को भी मंजूरी दी गई। वेलनेस सिटी इलाके में बंधा बनने के कारण कुछ इंटीग्रेटेड टाउनशिप को विकास के लिए तीन से पांच साल का अतिरिक्त समय दिया गया है।

₹431 करोड़ से 4 मल्टीलेवल पार्किंग

बोर्ड ने ₹431 करोड़ की लागत से शहर के चार प्रमुख स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग के प्रस्ताव को हरी झंडी दी, जिनमें 1,500 से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे:

स्थानजरूरत
विवेक खंड, गोमती नगरबाजार व शोरूम के बाहर बेतरतीब वाहनों से राहत
इकाना स्टेडियम के पासमैच व बड़े आयोजनों की भीड़ के लिए
अंबेडकर पार्क के पासरोज आने वाले हजारों पर्यटकों के लिए
पत्रकारपुरमचिनहट व गोमती नगर विस्तार की भीड़ नियंत्रण

अन्य अहम फैसले

  • यूपी नगर योजना एवं विकास नियमावली में संशोधन के बाद अब 6,000 वर्ग मीटर तक जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन सीधे एलडीए बोर्ड कर सकेगा; पहले यह अधिकार शासन के पास था।
  • नेहरू एन्क्लेव की जमीन पर वार म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव पास; सेना, शासन और एलडीए की संयुक्त समिति बजट व निर्माण तय करेगी।
  • अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रियदर्शिनी कॉलोनी सेक्टर-सी में नए फायर स्टेशन के लिए (पार्किंग हेतु आरक्षित 5,200 वर्ग मीटर भूखंड में से) निःशुल्क जमीन।
  • बसंत कुंज में मेट्रो यार्ड के लिए 20.358 एकड़ जमीन; वहां चल रही मछली व फूल मंडी शिफ्ट होगी। बसंत कुंज में नए बस अड्डे के लिए भी जमीन।
  • गोमती नगर विस्तार सेक्टर-7 में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए भवन-विस्तार के लिए जमीन आवंटन।
  • प्रियदर्शिनी योजना, नन्दाखेड़ा कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड (ऐशबाग) के तलपट मानचित्र (ले-आउट) में संशोधन मंजूर।
  • अर्बन चैलेंज फंड के तहत वरुण विहार टाउनशिप, कैलाश कुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का कायाकल्प, हनुमान सेतु पुस्तकालय और कानपुर रोड ईडब्ल्यूएस सेक्टर-जी पर मंथन।

बल्क परचेस खारिज, दो-प्लॉट प्रस्ताव टला

किसी भी योजना/अपार्टमेंट में बल्क परचेस (थोक खरीद) की अनुमति वाला प्रस्ताव बोर्ड ने खारिज कर दिया। एक व्यक्ति को दो प्लॉट खरीदने की अनुमति वाला प्रस्ताव भी विचारार्थ रोककर आगामी विधानसभा चुनाव तक टाल दिया गया। एलडीए ने चालू वित्त वर्ष का पुनरीक्षित बजट बढ़ाकर ₹10,185.52 करोड़ कर दिया (मूल बजट ₹9,186.87 करोड़); वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए ₹3,570.54 करोड़ का बजट भी पास हुआ।

खरीदारों के लिए इसका मतलब

वरुण विहार और नैमिष नगर के फेज-2 का रास्ता साफ होने का मतलब है कि फेज-1 की लॉटरी में छूटे आवेदकों को जल्द और प्लॉट मिलेंगे। प्रबंध नगर पर अभी हाईकोर्ट का आदेश बाकी है, इसलिए लॉन्च की तारीख अनिश्चित है। आईटी सिटी व वेलनेस सिटी में 50% जमीन वापसी सीधे भू-स्वामियों/किसानों के लिए है, आम खरीदार के लिए नहीं। किसी भी योजना में प्लॉट या फ्लैट बुक करने से पहले ले-आउट, भू-उपयोग परिवर्तन और आवंटन की स्थिति आधिकारिक दस्तावेजों से जांच लें।

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संबंधित गाइड: वेलनेस सिटी लखनऊ · आईटी सिटी लखनऊ।

स्रोत: अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, ईटीवी भारत (3 नवंबर 2026)