लखनऊ • 22 अक्टूबर 2026

मुख्य बातें

  • एलडीए सुशांत गोल्फ सिटी में ₹1,150 प्रति वर्गमीटर का कंप्लीशन चार्ज लगाने की तैयारी में है।
  • प्रस्ताव नवंबर में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मुहर के बाद ही यह लागू होगा।
  • यह चार्ज नक्शा पास कराने, कंप्लीशन प्रमाणपत्र मांगने और भवन की कंपाउंडिंग के समय आवेदक से लिया जाएगा।
  • 50 वर्गमीटर तक के EWS और LIG भूखंडों पर कोई चार्ज नहीं। जागरण के अनुसार इससे 10 हज़ार से ज़्यादा आवंटियों को यह नहीं देना होगा।
  • चार्ज, संपत्तियों की बिक्री और योजना की बाकी आय एस्क्रो अकाउंट में रहेगी, ताकि पैसा सिर्फ इसी योजना के विकास पर खर्च हो।

क्या प्रस्ताव है

दैनिक जागरण की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार 15 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप को एलडीए के टेकओवर करने पर मुहर लगाई थी। इसके बाद एलडीए ने टाउनशिप को पूरा कराने की योजना बनाई है, जिसमें मानचित्र स्वीकृति और शमन (कंपाउंडिंग) के लिए टाउनशिप कंप्लीशन चार्ज का प्रस्ताव है। (दैनिक जागरण, 22 अक्टूबर 2026)

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार कंप्लीशन चार्ज का मकसद योजना को पूरा कराना है और इसे प्राधिकरण की आय के स्रोत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। एलडीए 2023 में स्वीकृत डीपीआर के तहत ग्राम समाज और नगर निगम की ज़मीन का पुनर्ग्रहण भी करेगा।

आपके प्लॉट पर कितना चार्ज बनेगा (अनुमान)

प्लॉट का साइज़कंप्लीशन चार्ज (₹1,150/वर्गमीटर)
50 वर्गमीटर तक (EWS / LIG)कोई चार्ज नहीं
100 वर्गमीटर₹1.15 लाख
150 वर्गमीटर₹1.73 लाख
200 वर्गमीटर₹2.30 लाख
300 वर्गमीटर₹3.45 लाख

यह हिसाब हमने ₹1,150 × प्लॉट के वर्गमीटर से निकाला है। रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि चार्ज प्लॉट के क्षेत्रफल पर लगेगा या बने हुए क्षेत्रफल पर। बोर्ड के आदेश में यह तय होगा।

अपडेट, 23 अक्टूबर: टाउनशिप के लिए फाइनेंस एडवाइज़र नियुक्त करेगा एलडीए

दैनिक जागरण के अनुसार एलडीए सुशांत गोल्फ सिटी की निगरानी के लिए एक फाइनेंस एडवाइज़र (वित्त सलाहकार) नियुक्त करेगा और अगले सप्ताह इस पद का विज्ञापन निकालेगा। यह सलाहकार टाउनशिप में कमर्शियल स्पेस, मेंटेनेंस चार्ज और स्मार्ट यूटिलिटी का मॉडल बनाएगा, और निवासियों को खरीद, रीसेल, किराये और होम लोन पर सलाह देगा।

ध्यान दें: वह काम तभी शुरू कर पाएगा जब एनसीएलटी से एलडीए को टाउनशिप टेकओवर करने की अनुमति मिल जाएगी।

अपडेट, 25 अक्टूबर: निवासियों ने कंप्लीशन चार्ज का विरोध किया

दैनिक जागरण के अनुसार अधिकार सुशांत गोल्फ सिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने ₹1,150 प्रति वर्गमीटर के प्रस्तावित चार्ज का विरोध किया है। उनका कहना है कि चूक बिल्डर और निगरानी तंत्र की है, तो दाम आम नागरिक क्यों चुकाए। एसोसिएशन ने एलडीए से पूछा है कि यह शुल्क किस शासनादेश या नियम से तय हुआ, क्या यह हर भूखंड पर बराबर लगेगा, और इसकी गणना किस मद में हुई।

एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि अगर स्वीकृत लेआउट बदलकर पार्क या खेल सुविधाओं की ज़मीन का उपयोग बदला या बेचा गया, तो उसका पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो, और बिके हुए प्लॉट की ज़मीन बंधक रखकर कर्ज़ लेने के आरोप की जांच हो। अंतिम फैसला नवंबर की बोर्ड बैठक में होना है। (दैनिक जागरण, 25 अक्टूबर 2026)

अपडेट, 26 अक्टूबर: एलडीए बोर्ड बैठक 2 नवंबर को

अमर उजाला और प्रभात खबर (26 अक्टूबर) के अनुसार एलडीए बोर्ड की अगली बैठक 2 नवंबर को होनी है; उसमें प्रबंध नगर के किसानों के बढ़े मुआवज़े का प्रस्ताव रखा जाएगा। बैठक के बाकी एजेंडे की खबर अभी नहीं आई है। पूरी खबर: प्रबंध नगर में प्लॉट करीब ₹4,500 प्रति वर्गफुट। कंप्लीशन चार्ज का प्रस्ताव "नवंबर की बोर्ड बैठक" में जाना था; यह 2 नवंबर के एजेंडे में है या नहीं, अभी पक्का नहीं है।

खरीदारों और आवंटियों के लिए इसका मतलब

  • सुशांत गोल्फ सिटी में मकान बनाने वाले हैं? नक्शा पास कराने या कंप्लीशन लेने के खर्च में यह चार्ज जोड़कर बजट बनाएं।
  • यहां प्लॉट या फ्लैट खरीद रहे हैं? विक्रेता से पूछें कि नक्शा पास है या नहीं और कंप्लीशन मिला है या नहीं। अगर नहीं, तो यह चार्ज आगे आपको देना पड़ सकता है, इसलिए कीमत तय करते समय इसे ध्यान में रखें।
  • बने हुए मकान में नक्शे से अलग निर्माण है तो कंपाउंडिंग के समय भी यह चार्ज लगेगा: LDA से पास नक्शा कैसे जांचें।
  • हाल का एक मामला, जहां रजिस्ट्री के बाद भी निर्माण विवाद में गिरा दिया गया: वह खबर। पूरी जानकारी: सुशांत गोल्फ सिटी: खरीदारों की गाइड।

खरीदने से पहले जाँच कराएँ

खतौनी, रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance), LDA/जिला पंचायत की मंज़ूरी और कोर्ट केस — आवासीय प्लॉट और फ़्लैट के लिए ₹5,000, 48 घंटे में PDF रिपोर्ट। देखें हम क्या-क्या जाँचते हैं →

प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन कराएँ — ₹5,000

स्रोत: दैनिक जागरण, 22 अक्टूबर 2026