लखनऊ • 28 अक्टूबर 2026
मुख्य बातें
- एलडीए "एक व्यक्ति, एक भूखंड" का नियम बदलकर एक व्यक्ति को दो भूखंड देने की तैयारी में है।
- प्रस्ताव 2 नवंबर की एलडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मंज़ूरी के बाद एक ही योजना या अलग-अलग योजनाओं में दो भूखंड लिए जा सकेंगे।
- हिन्दुस्तान के अनुसार प्रस्ताव में एक परिवार को दो भूखंड के साथ एक फ्लैट लेने की छूट भी है, यानी एक परिवार तीन संपत्तियां ले सकेगा।
- अभी तक नियम यह है कि दूसरा भूखंड मिलने और इसकी जानकारी होने पर उसका आवंटन निरस्त हो जाता है और पंजीकरण राशि ज़ब्त हो सकती है।
- यह अभी प्रस्ताव है; नियम बोर्ड की मंज़ूरी के बाद ही बदलेगा।
अभी क्या नियम है
अमर उजाला और दैनिक भास्कर के अनुसार एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अभी तक एक व्यक्ति एलडीए से एक भूखंड और स्ववित्त पोषित योजना में एक फ्लैट ले सकता था। इसी तरह प्रदेश में विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद से दो भूखंड लेने का प्रावधान रहा है। लोगों को राहत देने के लिए अब एलडीए से ही दो भूखंड देने का प्रस्ताव बनाया गया है। (अमर उजाला, दैनिक भास्कर, 28 अक्टूबर 2026)
हिन्दुस्तान के अनुसार अभी किसी व्यक्ति या परिवार के नाम दूसरा भूखंड आवंटित हो जाए, तो जानकारी होते ही नियम के तहत उसका आवंटन निरस्त कर दिया जाता है और पंजीकरण राशि ज़ब्त हो जाती है; पहले भी ऐसे आवंटन निरस्त किए जा चुके हैं। परिवार के सदस्य अलग-अलग रहते हों और अपने नाम भूखंड लेना चाहें, तब भी यह नियम परेशानी बनता है: लॉटरी से एक परिवार के सदस्यों को दो भूखंड निकल आएं तो भी निरस्तीकरण का खतरा रहता है। (हिन्दुस्तान, लखनऊ प्रिंट संस्करण, 28 अक्टूबर 2026)
पहले क्या-क्या हुआ
अमर उजाला के अनुसार दो भूखंड होने पर कई लोगों को एक भूखंड सरेंडर करना पड़ा है। हाल में एक नेता ने एलडीए का भूखंड सरेंडर किया, जिन्हें और उनकी पत्नी को 2001 में लॉटरी से भूखंड मिले थे; शिकायत के बाद वे उपभोक्ता फोरम तक गए, पर राहत नहीं मिली। आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में भी ऐसा मामला हुआ। इसी नियम के चलते लोग दूसरा भूखंड एलडीए से लेने के बजाय किसी आवंटी से रीसेल में खरीदते रहे हैं। (अमर उजाला, 28 अक्टूबर 2026)
दुकानों की आरक्षित दर नहीं बढ़ेगी
उसी बातचीत में एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि गोमतीनगर समेत कई योजनाओं में प्राधिकरण की कुछ दुकानें कम मांग के कारण नीलामी में नहीं बिक रहीं। पहले नीलामी में न बिकने पर अगली बार आरक्षित कीमत बढ़ानी पड़ती थी; अब इस वित्तीय वर्ष में ऐसी दुकानों की आरक्षित दर स्थिर रहेगी। (अमर उजाला, दैनिक भास्कर, 28 अक्टूबर 2026)
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- वरुण विहार और नैमिष नगर की लॉटरी 4 और 5 नवंबर को है (पूरी खबर)। बोर्ड बैठक 2 नवंबर को है, यानी नियम लॉटरी से पहले बदल सकता है। पर यह नियम पहले चरण के आवंटन पर भी लागू होगा या नहीं, यह अभी किसी रिपोर्ट में नहीं है।
- अगर आपके परिवार में किसी के नाम पहले से एलडीए का भूखंड है, तो बोर्ड का फैसला और नया नियम लिखित में आने तक दूसरे भूखंड के लिए बड़ी रकम न लगाएं।
- नियम बदला तो आईटी सिटी और वेलनेस सिटी के पंजीकरण में भी दो भूखंड के लिए आवेदन हो सकेगा। आवेदन पुस्तिका में "एक परिवार" की परिभाषा और शर्तें ध्यान से पढ़ें।
- लॉटरी में भूखंड निकलने के बाद की प्रक्रिया: एलडीए लॉटरी में प्लॉट निकलने के बाद क्या करें।
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स्रोत: अमर उजाला, 28 अक्टूबर 2026, दैनिक भास्कर, 28 अक्टूबर 2026, एबीपी न्यूज़, 28 अक्टूबर 2026, हिन्दुस्तान, लखनऊ प्रिंट संस्करण, 28 अक्टूबर 2026