लखनऊ • 6 नवंबर 2026

मुख्य बातें

  • धनतेरस (शुक्रवार, 6 नवंबर) पर लखनऊ के निबंधन कार्यालयों में एक दिन में 915 संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई।
  • स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क से सरकार को कुल ₹18.79 करोड़ का राजस्व मिला।
  • सबसे ज्यादा रजिस्ट्री मोहनलालगंज (154) में हुईं, जबकि सबसे ज्यादा राजस्व सरोजनी नगर द्वितीय (122 रजिस्ट्री, ₹4.53 करोड़) से आया।

स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक रमेश चंद ने बताया कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में रजिस्ट्री कराने के लिए लोग सुबह से ही कार्यालय पहुंचने लगे और देर शाम तक दस्तावेज तैयार होते रहे।

किस कार्यालय में कितनी रजिस्ट्री

निबंधन कार्यालयरजिस्ट्रीराजस्व (₹)
मोहनलालगंज1541,95,51,650
बीकेटी1491,49,00,620
सरोजनी नगर-11203,40,73,890
सरोजनी नगर-21224,53,03,790
एसआरओ-1671,58,95,420
एसआरओ-2942,34,75,860
एसआरओ-36887,43,350
एसआरओ-4711,45,17,880
एसआरओ-5701,14,56,780
कुल91518,79,19,240

तालिका से साफ है कि बाहरी इलाकों — मोहनलालगंज, बीकेटी और सरोजनी नगर — के चार कार्यालयों में ही 545 यानी करीब 60% रजिस्ट्रियां हुईं। सरोजनी नगर के दोनों कार्यालयों में प्रति रजिस्ट्री औसत राजस्व करीब ₹2.8–3.7 लाख रहा, जबकि मोहनलालगंज और बीकेटी में यह करीब ₹1–1.3 लाख था (जागरण के आंकड़ों से हमारा हिसाब)।

खरीदारों के लिए इसका मतलब

त्योहार के मुहूर्त में रजिस्ट्री की जल्दबाजी में कागजों की जांच न छोड़ें। खासकर मोहनलालगंज, बीकेटी और सरोजनी नगर जैसे बाहरी इलाकों में, जहां सबसे ज्यादा सौदे हो रहे हैं, अवैध प्लॉटिंग और एक ही जमीन के दोहरे बैनामे के मामले भी सबसे ज्यादा आते हैं। रजिस्ट्री से पहले स्टांप शुल्क कैलकुलेटर से और सर्किल रेट यहां जांच लें।

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स्रोत: जागरण (6 नवंबर 2026)