लखनऊ • 5 नवंबर 2026

मुख्य बातें

  • एलडीए ने अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप (शहीद पथ) की स्वीकृत डीपीआर में शामिल 11 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री रोकने के लिए निबंधन विभाग को पत्र भेजा है।
  • एनसीएलटी में मामला लंबित होने के बावजूद इन गांवों में मिलीभगत से अवैध रजिस्ट्रियां होने की शिकायतें पिछले करीब दो साल से मिल रही थीं।
  • टाउनशिप की जमीन सरोजनी नगर और मोहनलालगंज तहसील में आती है; एलडीए ने दोनों तहसीलों को भी रजिस्ट्री रोकने को लिखा है।
  • एलडीए पहले (बीते साल मार्च में) भी ऐसा पत्र भेज चुका है और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज करा चुका है।

किन गांवों में रोक लगनी है

  • अहमामऊ
  • युसुफ नगर बगियामऊ
  • निजामपुर मझिगंवा
  • हसनपुर खेवली
  • देवामऊ
  • मुजफ्फरनगर घुसवल
  • हरिहरपुर
  • बरौना
  • माड़रमऊ कला
  • सोनाई कंजेहरा
  • पहाड़ नगर टिकरिया

अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा है कि अंसल एपीआई की स्वीकृत डीपीआर में शामिल जमीनों की प्राधिकरण की अनुमति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना खरीद-बिक्री की जा रही है।

पूरा मामला

अमर उजाला के मुताबिक बीते साल फरवरी में एनसीएलटी ने एक फाइनेंस कंपनी का पैसा न चुकाने पर अंसल कंपनी को दिवालिया घोषित किया था। इस फैसले से पहले आवंटियों, निवेशकों या एलडीए का पक्ष नहीं सुना गया, जिससे करीब पांच हजार आवंटी परेशानी में आ गए — पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें प्लॉट, मकान या फ्लैट नहीं मिले। अपीलीय कोर्ट में करीब 10 महीने की सुनवाई के बाद उनका पक्ष सुनने का आदेश हुआ। करीब दो महीने पहले प्रदेश कैबिनेट ने एलडीए से टाउनशिप को टेकओवर करने का दावा एनसीएलटी में पेश करने को कहा; एलडीए ने दावा पेश कर दिया है और सुनवाई चल रही है, फैसला आना बाकी है।

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खरीदारों के लिए इसका मतलब

इन 11 गांवों में अंसल की डीपीआर वाली कोई जमीन या प्लॉट खरीदने का प्रस्ताव मिले तो फिलहाल रुक जाएं — एलडीए ऐसी खरीद-बिक्री को अवैध मान रहा है और पहले एफआईआर भी करा चुका है। रजिस्ट्री हो जाना इस बात का सबूत नहीं है कि सौदा सुरक्षित है। ध्यान दें कि सोनाई कंजेहरा और पहाड़ नगर टिकरिया के नाम आईटी सिटी योजना के गांवों में भी हैं, इसलिए इन गांवों में कोई भी सौदा करने से पहले खसरा किस योजना में है, यह जरूर जांच लें।

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स्रोत: अमर उजाला (5 नवंबर 2026)