लखनऊ • 3 नवंबर 2026

मुख्य बातें

  • उत्तर प्रदेश रेरा ने अपनी 217वीं, 218वीं और 219वीं बैठकों में प्रदेश के 8 जिलों की 17 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी; बैठकों की अध्यक्षता रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की।
  • इन परियोजनाओं में कुल करीब ₹4,844.43 करोड़ का निवेश होगा।
  • लखनऊ सबसे आगे: 9 परियोजनाएं (6 आवासीय, 1 मिश्रित उपयोग, 2 व्यावसायिक), ₹2,203.27 करोड़ का निवेश और 3,031 इकाइयां।
  • रिपोर्टों में परियोजनाओं के नाम और बिल्डर नहीं बताए गए हैं।

किस जिले में कितनी परियोजनाएं

रेरा की जानकारी के मुताबिक जिलेवार निवेश और इकाइयां इस तरह हैं:

जिलापरियोजनाएंनिवेश (₹ करोड़)इकाइयां
लखनऊ9 (6 आवासीय, 1 मिश्रित, 2 व्यावसायिक)2,203.273,031
गाजियाबाद2 (आवासीय)943.281,016
गौतमबुद्ध नगर1 (मिश्रित उपयोग)940.43456
कानपुर1524.66597
मेरठ—194.28313
अयोध्या—26.61159
फिरोजाबाद—10.8748
मुरादाबाद— (आवासीय)1.0312

रिपोर्टों में कुल 5,726 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां बताई गई हैं, जबकि ऊपर के जिलेवार आंकड़ों का जोड़ 5,632 आता है। मेरठ, अयोध्या, फिरोजाबाद और मुरादाबाद की परियोजना संख्या अलग से नहीं बताई गई।

लखनऊ में 9 नई परियोजनाएं

इस दौर में सबसे ज्यादा परियोजनाएं लखनऊ की हैं: कुल 9, जिनमें 6 आवासीय, 1 मिश्रित उपयोग और 2 व्यावसायिक हैं। इनमें करीब ₹2,203.27 करोड़ का निवेश होगा और 3,031 इकाइयां बनेंगी — यानी इस दौर के कुल निवेश का करीब 45% और आधे से ज्यादा इकाइयां लखनऊ में। प्राधिकरण ने कहा कि सभी परियोजनाओं का विकास रेरा अधिनियम के तहत पारदर्शी तरीके से और तय समय में सुनिश्चित किया जाएगा। रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा और पारदर्शी रियल एस्टेट विकास यूपी रेरा की प्राथमिकता है।

खरीदारों के लिए इसका मतलब

रेरा पंजीकरण मिलने के बाद ही बिल्डर किसी परियोजना की बुकिंग और विज्ञापन कर सकता है, इसलिए आने वाले हफ्तों में लखनऊ में नई परियोजनाओं के लॉन्च दिख सकते हैं। किसी भी नई परियोजना में बुकिंग से पहले up-rera.in पर उसका रेरा नंबर, पूरा होने की तारीख, प्रमोटर का नाम और स्वीकृत नक्शा मिलाएं, और यह भी देखें कि विज्ञापन में बताई गई इकाइयां व सुविधाएं रेरा रिकॉर्ड से मेल खाती हैं या नहीं। जमीन का स्वामित्व और रजिस्ट्री की चेन रेरा रिकॉर्ड से पता नहीं चलती, उसकी अलग से जांच जरूरी है।

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स्रोत: भास्कर डिजिटल, द प्रिंट (भाषा) (3 नवंबर 2026)