लखनऊ • 28 अक्टूबर 2026
मुख्य बातें
- आईटी सिटी और वेलनेस सिटी के लिए प्रस्तावित ज़मीन पर भूमि अर्जन की अधिसूचना के बाद लगे प्रतिबंधों के बीच भू-स्वामी तय शर्तों पर ज़मीन बेच सकेंगे और नए लोग खरीद सकेंगे।
- शर्त: खरीदार को शपथ पत्र देना होगा कि वह ज़मीन लैंड पूलिंग के ज़रिये योजना में शामिल करेगा।
- बैनामे (रजिस्ट्री) में भी इसका साफ़ उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
- एलडीए के संयुक्त सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) को इसके दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
नई व्यवस्था क्या है
हिन्दुस्तान के अनुसार लखनऊ विकास प्राधिकरण ने आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना के लिए प्रस्तावित भूमि की खरीद-बिक्री को लेकर नई व्यवस्था बनाई है। भूमि अर्जन की अधिसूचना के बाद लागू प्रतिबंधों के बीच भू-स्वामियों को निर्धारित शर्तों पर ज़मीन बेचने और नए लोगों को खरीदने की अनुमति मिलेगी। इसके लिए खरीदार को ज़मीन लैंड पूलिंग के माध्यम से योजना में शामिल करने का शपथ पत्र देना होगा, और बैनामे में भी इसका स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। (हिन्दुस्तान, लखनऊ प्रिंट संस्करण, 28 अक्टूबर 2026)
रिपोर्ट में "निर्धारित शर्तों" की पूरी सूची नहीं दी गई है, और यह भी नहीं बताया गया कि अनुमति किस दफ़्तर से और कितने दिन में मिलेगी। लैंड पूलिंग में ज़मीन देने पर विकसित भूखंड का कितना हिस्सा वापस मिलता है, यह हमारी आईटी सिटी और वेलनेस सिटी लैंड पूलिंग गाइड में है।
आईटी सिटी सौमित्र विहार के साथ लॉन्च होगी
हिन्दुस्तान के अनुसार आवास विकास परिषद की सौमित्र विहार योजना के साथ एलडीए की आईटी सिटी योजना भी शुरू कराने की तैयारी है। दीपावली तक दोनों योजनाओं को लॉन्च कराने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया है, और समारोह सौमित्र विहार योजना में ही होगा। इसमें आईटी सिटी के कुछ आवंटियों को मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन पत्र भी दिए जाएंगे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार इससे दोनों योजनाओं के विकास को गति मिलेगी। (हिन्दुस्तान, लखनऊ प्रिंट संस्करण, 28 अक्टूबर 2026) आईटी सिटी की प्रस्तावित दर करीब ₹4,000 प्रति वर्गफुट बताई गई है: वेलनेस सिटी ₹5,500, आईटी सिटी करीब ₹4,000।
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- इन गांवों में ज़मीन खरीदने का मतलब अब प्लॉट नहीं, लैंड पूलिंग का हिस्सा खरीदना है। आपको पूरी ज़मीन नहीं, बल्कि योजना के नियम के अनुसार विकसित भूखंड का एक हिस्सा मिलेगा, और वह भी योजना विकसित होने के बाद।
- बैनामे में लैंड पूलिंग की शर्त लिखी होगी, इसलिए ऐसी ज़मीन पर अपना मकान बनाने या आगे "फ्री होल्ड प्लॉट" बताकर बेचने की उम्मीद न रखें।
- जो डीलर आईटी सिटी या वेलनेस सिटी के गांवों में "छोटे प्लॉट" बेच रहे हैं, उनसे पूछें कि शपथ पत्र और एलडीए की शर्तें कैसे पूरी होंगी। गाटा संख्या अधिसूचना में है या नहीं, यह खतौनी और अधिसूचना से मिलाएं।
- गांवों और अधिग्रहण की स्थिति: आईटी सिटी के लिए 300 हेक्टेयर अधिग्रहण।
खरीदने से पहले जाँच कराएँ
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स्रोत: हिन्दुस्तान, लखनऊ प्रिंट संस्करण, 28 अक्टूबर 2026