लखनऊ • 30 अक्टूबर 2026

मुख्य बातें

  • चौक की कंचन मार्केट के पीछे करीब 25 साल से अधूरे अपार्टमेंटों का काम एलडीए पूरा कराएगा।
  • आवंटियों के फ्लैटों की रजिस्ट्री कर उन्हें फ्रीहोल्ड किया जाएगा; खाली फ्लैट आवंटित किए जाएंगे।
  • प्रस्ताव 2 नवंबर की एलडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मंज़ूरी के बाद बिल्डरों को अनुबंध निरस्त करने का नोटिस जाएगा।
  • जिन आवंटियों ने पूरा पैसा नहीं दिया है, उनसे एलडीए बकाया वसूलेगा, उसी के आधार पर रजिस्ट्री होगी।

मामला क्या है

अमर उजाला के अनुसार एलडीए ने करीब 25 साल पहले एल्डिको और ऑरिफ समेत चार बिल्डरों को आवासीय योजना विकसित करने के लिए लाइसेंस पर ज़मीन दी थी। अनुबंध के मुताबिक बिल्डरों को फ्लैट बनाकर बेचने थे और उसी रकम से ज़मीन की कीमत एलडीए को चुकानी थी। बिल्डरों ने तीन अपार्टमेंट बनाकर फ्लैट बेचे, पर एलडीए में पूरा पैसा जमा नहीं किया और अपार्टमेंटों का काम भी पूरा नहीं किया। इस वजह से बहुत से फ्लैटों की रजिस्ट्री अब तक फंसी है, और आवंटी लंबे समय से एलडीए से इसे सुलझाने की मांग कर रहे थे। (अमर उजाला, 30 अक्टूबर 2026)

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बोर्ड की मंज़ूरी के बाद बिल्डरों को अनुबंध निरस्त करने का नोटिस दिया जाएगा। रिपोर्ट में अपार्टमेंटों के नाम, फ्लैटों की संख्या, खाली फ्लैटों की कीमत और काम पूरा होने की समय-सीमा नहीं दी गई है। बोर्ड का फैसला आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।

कैलाश कुंज और अलीगंज कॉम्प्लेक्स भी दोबारा बनेंगे

इसी रिपोर्ट के अनुसार एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि अयोध्या रोड का कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स शासन की पुनर्विकास नीति के तहत फिर से बनाया जाएगा; केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना में इसका बजट मंज़ूर हो गया है। अलीगंज कॉम्प्लेक्स को भी मंज़ूरी मिल गई है। टेंडर पास होने के बाद दोनों पर काम शुरू होगा। (अमर उजाला, 30 अक्टूबर 2026)

खरीदारों और आवंटियों के लिए इसका मतलब

  • आपका फ्लैट इन अपार्टमेंटों में है तो आवंटन पत्र, बिल्डर को किए गए हर भुगतान की रसीद और अनुबंध की कॉपी तैयार रखें। रजिस्ट्री से पहले एलडीए आपसे बकाया का हिसाब मांग सकता है।
  • ऐसे अधूरे प्रोजेक्ट में "रीसेल" फ्लैट खरीदने से पहले देखें कि विक्रेता के नाम रजिस्ट्री है या सिर्फ आवंटन पत्र/एग्रीमेंट, और ज़मीन का पैसा एलडीए में बकाया है या नहीं। बिना रजिस्ट्री वाले फ्लैट पर पावर ऑफ अटॉर्नी या एग्रीमेंट से मालिकाना हक नहीं मिलता: बैनामा, रजिस्ट्री और पावर ऑफ अटॉर्नी में फर्क।
  • एलडीए के खाली फ्लैटों की बिक्री का विज्ञापन आए तो कीमत और शर्तें एलडीए की आधिकारिक सूचना से ही लें, किसी बिचौलिए से नहीं।
  • बिल्डर फ्लैट और एलडीए संपत्ति के जोखिमों की तुलना: एलडीए प्लॉट या बिल्डर फ्लैट।

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स्रोत: अमर उजाला, 30 अक्टूबर 2026