लखनऊ • 22 सितंबर 2026
मुख्य बातें
- 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में आवासीय प्लॉट पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में आग लगी थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई।
- इसकी SIT जांच रिपोर्ट 22 सितंबर को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई।
- कोर्ट की विशेष टीम ने 5–6 सितंबर को लखनऊ आकर अलीगंज की 51 चिह्नित अवैध इमारतों और गोमती नगर की कुछ इमारतों का सर्वे किया; उसकी रिपोर्ट भी जमा हुई।
- अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 को होगी।
मामला कहां तक पहुंचा
अमर उजाला के अनुसार यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले से चल रही जनहित याचिका (लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य) के साथ सुना जा रहा है; दिल्ली के एक पीजी हॉस्टल की इमारत गिरने का मामला भी इसके साथ जोड़ा गया है। आगे की सुनवाई इन रिपोर्टों के निष्कर्षों पर होगी। प्रारंभिक जांच में एलडीए के कई अधिकारियों और इंजीनियरों के नाम आए थे; इनमें से कुछ ने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। (अमर उजाला, 22 सितंबर 2026)
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- आवासीय प्लॉट पर बनी दुकान, ऑफिस या कोचिंग स्पेस खरीद या किराये पर ले रहे हैं? पहले देखें कि उस भवन का व्यावसायिक नक्शा एलडीए से पास है या नहीं — एलडीए से पास नक्शा कैसे जांचें।
- अलीगंज और गोमती नगर की जिन इमारतों पर कोर्ट की नज़र है, उनमें सीलिंग या ध्वस्तीकरण हो सकता है — 23 नवंबर की सुनवाई तक ऐसी संपत्ति में पैसा फंसाने से बचें।
- शहर में चल रही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की सूची: LDA ध्वस्तीकरण ट्रैकर।
खरीदने से पहले जाँच कराएँ
खतौनी, रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance), LDA/जिला पंचायत की मंज़ूरी और कोर्ट केस — आवासीय प्लॉट और फ़्लैट के लिए ₹5,000, 48 घंटे में PDF रिपोर्ट। देखें हम क्या-क्या जाँचते हैं →
स्रोत: अमर उजाला, 22 सितंबर 2026