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लखनऊ में फ्लैट खरीदने वाले सावधान! एयरपोर्ट के पास ऊंची इमारतों पर चल रहा बुलडोजर — जानिए AAI और IAF के नए नियम
Updated: Apr 18, 2026 9 min read Legal Advice All Articles

लखनऊ में फ्लैट खरीदने वाले सावधान! एयरपोर्ट के पास ऊंची इमारतों पर चल रहा बुलडोजर — जानिए AAI और IAF के नए नियम

स्रोत: अमर उजाला, पत्रिका (जुलाई 2025), Sandesh Wahak (दिसंबर 2025), Airports Authority of India (nocas2.aai.aero), Adani Group CCSIA, विकिपीडिया, DSD Properties फील्ड रिसर्च — अप्रैल 2026

लखनऊ में फ्लैट खरीदने जा रहे हैं? एक बार रुकिए। जमीन के कागज देख लिए, सेक्शन 80 भी चेक कर लिया, रजिस्ट्री भी हो गई — लेकिन क्या आपने आसमान देखा है?

जी हां, आसमान। लखनऊ में आपकी बिल्डिंग कितनी ऊंची बनेगी, यह सिर्फ LDA या नगर निगम तय नहीं करता। इसका फैसला करती हैं दो बड़ी ताकतें — Airports Authority of India (AAI) और Indian Air Force (IAF)। और नियम तोड़ने वालों पर अब बुलडोजर चल रहा है।

15 इमारतेंध्वस्तीकरण आदेश
20 kmAirport दायरा
5 kmLDA NOC जरूरी
100 MeterBKT Dead Zone
7,200 ftRunway Length

⚠️ ताजा खबर: लखनऊ में क्या हो रहा है?

  • जुलाई 2025 — Patrika की रिपोर्ट: अमौसी एयरपोर्ट के पास बनीं 15 ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलें गिराने का आदेश। सरोजिनीनगर, कृष्णा नगर, चंद्रावल, लाल कुआं और बंथरा में सर्वे के बाद एक्शन।
  • सितंबर 2025 — अमर उजाला: एयरपोर्ट के 5 किमी दायरे में अब LDA की NOC के बिना कोई भी हाईराइज बिल्डिंग नहीं बन सकेगी। Airport Action Group गठित।
  • दिसंबर 2025 — Sandesh Wahak: अमौसी एयरपोर्ट के पीछे बिना मंजूरी बने 21 रो-हाउस (लगभग 5,000 वर्गमीटर) LDA ने गिरा दिए। हाई कोर्ट से भी बिल्डर को राहत नहीं मिली।

राजेश की कहानी: जब सपना बीच में अटक गया

2023 की बात है। राजेश ने सुल्तानपुर रोड पर एक नए प्रोजेक्ट में 4BHK फ्लैट बुक किया। बिल्डर ने वादा किया था — 15 मंजिला टावर, रूफटॉप जिम, और खूबसूरत व्यू। राजेश खुश था। ₹85 लाख का लोन भी हो गया।

छह महीने बाद साइट पर पहुंचे तो दिल धक से रह गया। निर्माण बंद। क्रेन रुकी हुई। मजदूर गायब। वजह? बिल्डर ने AAI से height clearance (NOCAS NOC) लिया ही नहीं था।

प्रोजेक्ट 8वीं मंजिल पर अटक गया। एक साल से ज्यादा हो गया। राजेश हर महीने EMI दे रहा है — उस घर के लिए जिसमें रहने का सपना कब पूरा होगा, यह किसी को नहीं पता।

यह कहानी सिर्फ राजेश की नहीं है। लखनऊ में सैकड़ों ऐसे खरीदार हैं जो जमीन के कागज तो चेक करते हैं, लेकिन ऊपर आसमान में जो invisible सीमा है — उसे भूल जाते हैं। और फिर जब bulldozer आता है, तो सारी जिंदगी की कमाई मिट्टी में मिल जाती है।

आखिर बात क्या है? दो ताकतें, दो अलग नियम

लखनऊ में आपकी प्रॉपर्टी कहां है, इसी पर तय होता है कि कौन सी authority आपकी बिल्डिंग की ऊंचाई controls करती है:

1. AAI (Airports Authority of India) — चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) के आसपास के पूरे साउथ लखनऊ को control करती है। Wikipedia के मुताबिक यह एयरपोर्ट देश का 11वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है — वित्त वर्ष 2024-25 में 64 लाख से ज्यादा यात्री यहां से गुजरे।

2. Indian Air Force (IAF) — बक्शी का तालाब (BKT) वायु सेना स्टेशन के आसपास का नॉर्थ लखनऊ। यह Central Air Command के अंतर्गत आता है और यहां के नियम civilian airport से भी ज्यादा सख्त हैं।

साउथ लखनऊ: AAI का NOCAS 2.0 सिस्टम क्या है?

NOCAS का मतलब है No Objection Certificate for Aeronautical Studies। 2022 में AAI ने यह online system launch किया ताकि एयरपोर्ट के आसपास बिल्डिंग की height clearance आसानी से मिल सके।

अगर आपकी प्रॉपर्टी अमौसी एयरपोर्ट के Obstacle Limitation Surface (OLS) zone में है — तो बिना NOCAS NOC के एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती। और यह zone पूरे साउथ लखनऊ में फैला है।

कौन से इलाके AAI के दायरे में आते हैं?

AAI Jurisdiction (साउथ लखनऊ)

  • कानपुर रोड — खासकर एयरपोर्ट approach path के पास
  • सुल्तानपुर रोड — IT City, Wellness City belt
  • वृंदावन योजना — सेक्टर 1 से 16
  • गोमती नगर एक्सटेंशन — southern parts
  • अमर शहीद पथ — एयरपोर्ट के पास वाले sections
  • रायबरेली रोड — SGPGI area और आसपास
  • सरोजिनी नगर, कृष्णा नगर, चंद्रावल, लाल कुआं, बंथरा — (Patrika की जुलाई 2025 रिपोर्ट में demolition action ज़ोन)

NOCAS 2.0 की पूरी प्रक्रिया — 4 Step में

1
Online Application — nocas2.aai.aero पर जाएं

Builder या plot owner को AAI के official portal (nocas2.aai.aero) पर जाकर application भरनी होती है। इसमें देना पड़ता है — exact GPS coordinates (WGS-84 format), proposed building की height (meters में), ground elevation (mean sea level से), और property का use (residential / commercial)।

📍 Official Portal: nocas2.aai.aero — AAI Airports Authority of India
2
Automated Check — Green, Yellow या Red Signal

System तुरंत आपकी details को एयरपोर्ट के OLS data से match करता है और तीन में से एक signal देता है:

🟢 Green Signal: Height safe है — approval automatic।
🟡 Yellow Signal: Border-line है — manual aeronautical study होगी।
🔴 Red Signal: Rules violate कर रहे हैं — application reject।

📍 Yellow case में expert team detailed study करती है
3
Aeronautical Study (अगर जरूरी हुई)

Yellow signal वाले cases में AAI के experts detailed study करते हैं — radar interference, flight path impact, और local topography check। यह process आमतौर पर 30–45 दिन लगती है।

📍 समय: 30-45 working days
4
NOC Issue — और फिर LMC में Building Plan

Approval मिल गई तो digital NOC generate हो जाता है। यह NOC mandatory है — LMC से building plan approval लेने के लिए, completion certificate पाने के लिए, और ऊंची बिल्डिंग में electricity-water connection लेने के लिए भी।

📍 बिना NOCAS NOC के LMC building plan approve नहीं करता

बड़ी खबर: 5 किमी दायरे में अब LDA NOC भी जरूरी

"एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए Airport Action Group का गठन किया गया है। पांच किलोमीटर के दायरे में हाईराइज बिल्डिंग बनाने से पहले LDA से अनिवार्य रूप से NOC लेनी होगी। एयरपोर्ट के पास अनाधिकृत रूप से बनीं इमारतें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।"

— अमर उजाला, 1 सितंबर 2025

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हवाई अड्डा पर्यावरण समिति की बैठक हुई थी जिसमें यह बड़ा फैसला लिया गया। अब अमौसी एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर दायरे में कोई भी ऊंची बिल्डिंग बनाने के लिए LDA की NOC लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

मतलब अब आपको दो NOC चाहिए — एक AAI की NOCAS, और दूसरी LDA की। बिल्डर "चिंता मत करो, बाद में बन जाएगी" कहे तो सावधान हो जाइए।

नॉर्थ लखनऊ: बक्शी का तालाब वायु सेना स्टेशन के सख्त नियम

नॉर्थ लखनऊ में नियम और भी कड़े हैं। यहां मामला civilian airport का नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) का है। बक्शी का तालाब Air Force Station यहां है — जो Central Air Command के अंतर्गत आता है। Fighter jets की training और operations यहीं से होती हैं।

IAF (BKT) Jurisdiction — नॉर्थ लखनऊ इलाके

  • इंदिरा नगर — पूरा इलाका
  • अलीगंज — कुछ sectors
  • जानकीपुरम — अधिकांश parts
  • गोमती नगर — northern sections
  • विकास नगर — पूरा इलाका
  • महानगर — parts

⚠️ 100 मीटर "Dead Zone" — यहां कुछ नहीं बन सकता

BKT Air Force Station के 100 मीटर के radius में कोई भी vertical construction नहीं हो सकती — एक single storey house भी नहीं। इसे कहते हैं "Dead Zone"।

क्यों? क्योंकि Military aircraft — खासकर training और emergency operations के दौरान — civilian flights से बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हैं। यह 100 मीटर का buffer zone emergency landing, low-altitude maneuvers, और radar equipment की protection के लिए जरूरी है।

इस जोन में आप सिर्फ parking, open storage, या खेती कर सकते हैं। Residential house? भूल जाइए। कई लोगों ने यहां plot खरीदे हैं — और अब उनका building plan पहले ही दिन reject हो जाता है।

AAI vs IAF: एक नज़र में पूरा फर्क

Factor AAI (Amausi - साउथ) IAF (BKT - नॉर्थ)
Clearance System NOCAS 2.0 (Online Portal) Manual — Station Commander को Application
समय (Processing) 30–45 दिन 90–120+ दिन
Dead Zone नहीं — धीरे-धीरे height कम होती है हां — 100 मीटर absolute zone
Height Flexibility Case-to-case relaxation possible Strict — कोई flexibility नहीं
Transparency High — zone maps online available Low — criteria publicly नहीं हैं
Revocation Risk कम — NOC मिलने पर शायद ही cancel होती है ज्यादा — operational need पर बदल सकते हैं

खरीदार के लिए 5 काम की बातें

1
पहले यह पता करें: AAI का इलाका है या IAF का?

Google Maps खोलिए। अपनी property की दूरी अमौसी एयरपोर्ट से देखिए और बक्शी का तालाब AFS से भी। जो नज़दीक हो, उसी authority का jurisdiction है। साउथ लखनऊ = AAI। नॉर्थ लखनऊ = IAF।

2
Builder से NOC के कागज मांगें — सिर्फ देखें, बल्कि "physical copy"

Verbal assurance मत मानिए। Builder से demand करें — NOCAS NOC की copy, Station Commander का NOC (अगर नॉर्थ में है), LMC की building plan approval जिसमें height compliance mention हो, और RERA registered documents। अगर ये चारों नहीं दिखा रहा, तो रुक जाइए।

3
NOCAS portal पर खुद verify करें

AAI clearance के लिए nocas2.aai.aero पर जाकर खुद check कर सकते हैं। GPS coordinates डालिए और देखिए क्या उस height के लिए approval genuine है। यह free service है।

4
पास की बिल्डिंगों को देखें

अगर आसपास की नई-पुरानी सभी बिल्डिंग 4-5 मंजिल तक हैं, और आपका builder 12 मंजिल का प्रोजेक्ट बेच रहा है — red flag। पूरे इलाके में किसी एक को अचानक 12 मंजिल की approval नहीं मिलती।

5
बिल्डर का पुराना record पता करें

Builder का नाम Google करें। क्या उसकी किसी पुरानी project पर LDA की कार्रवाई हुई है? क्या कभी stop-work notice आया है? अगर पिछले 5 साल में कहीं demolition या court case हुआ है — सावधान रहें।

4 बड़े Red Flags — यह देखे तो रुक जाइए

🚨 Red Flag 1 — Builder कहे "NOC बाद में बन जाएगी"

"बुकिंग करो, पैसा दो, NOC तो मिल ही जाती है" — यह classic जवाब है धोखे का। AAI या IAF की NOC construction शुरू होने से पहले मिलनी चाहिए, बाद में नहीं। अगर बिना NOC काम चालू है, तो कल bulldozer भी आ सकता है।

🚨 Red Flag 2 — Restricted Zone में High-Rise का Advertisement

अगर यह पता है कि इलाका sensitive zone में है (जैसे Sarojini Nagar, Banthra — जहां 2025 में कार्रवाई हुई) और फिर भी कोई "luxury 15-storey tower" बेच रहा है — यह सीधा धोखा है। Patrika और Sandesh Wahak की खबरों को ध्यान से पढ़िए।

🚨 Red Flag 3 — RERA Documents में Aviation NOC Mention नहीं

UP RERA portal (up-rera.in) पर प्रोजेक्ट check करें। Approved documents list में अगर "AAI NOC" या "Station Commander NOC" mention नहीं है — तो project भले RERA-registered हो, height clearance नहीं है।

🚨 Red Flag 4 — पास में कोई इमारत ऐसी नहीं जो 8+ मंजिल की हो

अगर इलाके में कोई भी building 7-8 मंजिल से ज्यादा नहीं है, और आपका builder 12-15 मंजिल का प्रोजेक्ट बेच रहा है — यह natural नहीं है। Height restriction की वजह से कोई अकेला builder अचानक इतनी ऊंची approval नहीं पा सकता।

नियम तोड़ने पर क्या होता है? एक सच्ची कहानी

"अमौसी एयरपोर्ट के पीछे बिना मंजूर map के बने 21 रो-हाउस (लगभग 5,000 वर्गमीटर) LDA ने सोमवार को जमींदोज कर दिए। 8 घंटे की कार्रवाई में भारी पुलिस बल और मशीनें लगीं। बिल्डर ने मंडलायुक्त और High Court दोनों जगह appeal की, दोनों खारिज हुईं। ध्वस्तीकरण की लागत भी बिल्डर से वसूली जाएगी।"

— Sandesh Wahak, दिसंबर 2025

यह कोई पुरानी खबर नहीं है। दिसंबर 2025 की है। 21 परिवारों के सपने एक दिन में मिट्टी में मिल गए — क्योंकि बिल्डर ने proper NOC नहीं ली थी। और कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।

Patrika की जुलाई 2025 की रिपोर्ट में एयरपोर्ट authority के senior officer ने साफ कहा था — "हवाई पट्टी के दोनों ओर लगभग 20 किमी के क्षेत्र में ऊंचाई नियंत्रण के दिशा-निर्देश लागू होते हैं। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण DGCA से NOC प्राप्त किए बिना नहीं किया जा सकता।"

DSD Properties कैसे help कर सकता है?

हमारी Property Verification Service में शामिल है:

  • Free Location Assessment — बताएंगे property किस authority के under है
  • NOCAS NOC की authenticity check — portal पर cross-verify
  • IAF clearance letters का verification
  • RERA-approved building plans से cross-check
  • Builder का background — पुरानी violations और stop-work notices
  • 48 घंटे में PDF report — सिर्फ ₹5,000 में

DSD Properties से और Property Guides

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

NOCAS 2.0 क्या है और किसको चाहिए?

NOCAS 2.0 (No Objection Certificate for Aeronautical Studies) AAI का digital system है — अमौसी एयरपोर्ट के पास बिल्डिंग की height clearance के लिए। Airport के Obstacle Limitation Surface (OLS) zone में आने वाली कोई भी property — जैसे कानपुर रोड, सुल्तानपुर रोड, वृंदावन योजना, गोमती नगर एक्सटेंशन — को construction से पहले NOCAS clearance चाहिए। यह builders और individual plot owners दोनों के लिए mandatory है। Apply करने के लिए nocas2.aai.aero पर जाएं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी प्रॉपर्टी AAI के under है या IAF के?

Google Maps पर अपनी property की दूरी दोनों जगहों से check करें — चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) और बक्शी का तालाब AFS। साउथ लखनऊ की properties (कानपुर रोड, सुल्तानपुर रोड, गोमती नगर एक्सटेंशन) आमतौर पर AAI jurisdiction में आती हैं। नॉर्थ लखनऊ (इंदिरा नगर, अलीगंज, महानगर, विकास नगर) IAF के under है। अगर confusion हो तो DSD Properties से free assessment लें।

BKT का 100-मीटर Dead Zone क्या है?

100-मीटर Dead Zone बक्शी का तालाब Air Force Station के operational perimeter से 100 मीटर का area है जहां virtually कोई vertical construction allowed नहीं है। यह absolute restriction low-altitude military aircraft operations की protection के लिए है। इस zone में properties सिर्फ ground-level use के लिए हैं — parking, open storage, या खेती। Residential house नहीं बन सकता। कई खरीदारों ने यहां plots खरीदे हैं और बाद में building plan reject हो गया।

जुलाई 2025 में लखनऊ में क्या action हुआ था?

Patrika की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2025 में LDA, जिला प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त सर्वे के बाद अमौसी एयरपोर्ट के पास 15 ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलें गिराने का आदेश हुआ। सर्वे में पाया गया कि ये इमारतें सरोजिनीनगर, कृष्णा नगर, चंद्रावल, लाल कुआं और बंथरा में बनीं हैं और DGCA standards से अधिक ऊंचाई पर हैं। ध्वस्तीकरण की लागत भी building owners से वसूली जा रही है।

AAI और IAF clearance लेने में कितना समय लगता है?

AAI NOCAS 2.0 clearance में आमतौर पर 30-45 दिन लगते हैं — Green signal cases में instant approval मिल जाती है, Yellow signal में manual aeronautical study होती है। IAF Station Commander NOC में काफी ज्यादा समय लगता है — 90-120 दिन या उससे भी ज्यादा। यह manual process है, online system नहीं है, और evaluation criteria भी strict हैं। Construction planning करते time यह timelines factor करें।

क्या सितंबर 2025 के बाद नियम बदल गए हैं?

हां, अमर उजाला की 1 सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार अमौसी एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर दायरे में अब LDA की NOC भी अनिवार्य कर दी गई है। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हवाई अड्डा पर्यावरण समिति की बैठक में यह फैसला हुआ। Airport Action Group भी बनाया गया है। मतलब अब 5 किमी के अंदर high-rise बनाने के लिए दो NOC चाहिए — एक AAI की NOCAS और दूसरी LDA की।

Builder से कौन से documents mandatory demand करने चाहिए?

Mandatory documents हैं: (1) AAI NOCAS NOC की copy (साउथ लखनऊ के लिए) या IAF Station Commander NOC (नॉर्थ लखनऊ के लिए), (2) Lucknow Municipal Corporation की building plan approval जिसमें height compliance clearly mention हो, (3) UP RERA registration documents जिसमें aviation clearance approved documents में शामिल हो, (4) सितंबर 2025 के बाद के projects के लिए LDA NOC (5 किमी दायरे में)। कभी भी verbal assurance पर भरोसा मत करें — physical copies की demand करें booking से पहले।

क्या aviation clearance बाद में cancel हो सकती है?

AAI की NOC एक बार granted हो जाए तो rarely cancel होती है — सिवाय तब जब application में धोखाधड़ी साबित हो। लेकिन IAF के पास यह authority है कि military operational requirements change होने पर वह restrictions impose करे या permissions revoke कर सकते हैं। इसी वजह से IAF clearances AAI clearances के मुकाबले ज्यादा risky माने जाते हैं long-term real estate investment के लिए।

अगर मैंने बिना proper height clearance वाला flat खरीदा तो क्या होगा?

गंभीर परिणाम होते हैं: (1) Construction बीच में stop हो सकता है, (2) Occupancy Certificate नहीं मिलेगा, (3) Electricity और पानी के legal connections denied, (4) Banks illegal structures के लिए loan approve नहीं करते, (5) Resale लगभग impossible हो जाता है, (6) Property value गिर जाती है, और (7) Extreme cases में demolition order जारी हो सकता है। दिसंबर 2025 में अमौसी के पास 21 रो-हाउस गिराए गए थे (Sandesh Wahak report) और हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हमेशा booking से पहले clearances verify करें।

क्या NOCAS portal पर मैं खुद property check कर सकता हूं?

हां, AAI का NOCAS 2.0 portal (nocas2.aai.aero) public access के लिए available है। आप अपनी property के exact GPS coordinates (WGS-84 format में) और proposed height डाल सकते हैं। System तुरंत बता देगा कि property Obstacle Limitation Surface zone में आती है या नहीं, और क्या clearance required है। यह free service है सभी property owners और buyers के लिए। हालांकि final NOC के लिए complete application submit करनी होती है proper documents के साथ।

DSD Properties aviation clearances verify करने में कैसे help करता है?

DSD Properties offer करता है ₹5,000 में complete property verification जिसमें aviation clearance check भी शामिल है। हम identify करते हैं property किस authority (AAI या IAF) के under है। NOCAS NOC की authenticity nocas2.aai.aero portal पर cross-check करते हैं। IAF clearance letters का verification करते हैं। RERA registered documents से cross-reference करते हैं। Builder का background check करते हैं — पुरानी height violations, stop-work notices, और court cases। 48-72 घंटे में PDF report मिलती है। Contact करें +91-85950-02933 पर या dsdproperties.in पर।

Disclaimer: The information on this website is shared for general awareness about property and real estate, collected from various reports and news sources. While we strive to provide accurate and updated details, we do not guarantee the completeness, accuracy, or reliability of the content. We are not responsible for any financial, legal, or property-related decisions made based on this information. For accurate details, please verify with the concerned authorities before proceeding.
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Priya Verma

Author · DSD Properties

Priya Verma is a luxury property consultant specializing in high-end bungalows, villas, and gated communities. She has worked with elite clients in Lucknow’s posh localities, ensuring exclusivity, confidentiality, and premium investment opportunities.

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