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IGRSUP लखनऊ 2026: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह वेबसाइट जरूर चेक करें — 3 मिनट में पकड़ लेंगे हर धोखा, जानिए igrsup.gov.in का पूरा इस्तेमाल
Updated: Apr 18, 2026 9 min read प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन All Articles

IGRSUP लखनऊ 2026: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह वेबसाइट जरूर चेक करें — 3 मिनट में पकड़ लेंगे हर धोखा, जानिए igrsup.gov.in का पूरा इस्तेमाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में प्रॉपर्टी खरीदना जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला है — और सबसे बड़ा जोखिम भी। गोमती नगर के एक मध्यम वर्गीय परिवार ने पिछले साल 42 लाख रुपये में प्लॉट खरीदा। बैनामा हो गया, चाबी मिल गई, खुशी मनी। तीन महीने बाद पता चला कि उसी प्लॉट पर पहले से बैंक का कर्ज चढ़ा था और एक पुरानी रजिस्ट्री भी किसी और के नाम दर्ज थी। पूरा पैसा डूबने की कगार पर था।

सबसे बड़ी बात: उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे धोखों से बचने के लिए एक मुफ्त वेबसाइट दी है — igrsup.gov.in। इस पोर्टल पर लखनऊ के पांचों सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (SRO) के 2005 से अब तक के सारे रजिस्टर्ड बैनामे, रेहन, दानपत्र और बंटवारा ऑनलाइन देखे जा सकते हैं। कीमत शून्य, समय सिर्फ तीन मिनट, और फायदा — लाखों रुपये बचाने की गारंटी।

📰 योगी सरकार की बड़ी पहल (जुलाई 2025)

यूपी कैबिनेट ने 22 जुलाई 2025 को बड़ा फैसला लेते हुए महिलाओं के नाम पर खरीदी गई एक करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी पर 1% स्टाम्प ड्यूटी की छूट को मंजूरी दी। अब महिलाओं को एक करोड़ की प्रॉपर्टी पर सीधे एक लाख रुपये तक की बचत होगी। (स्रोत: आज तक, दैनिक जागरण, ईटीवी भारत — 22-23 जुलाई 2025)

IGRSUP क्या है? पूरा नाम और काम समझिए

IGRSUP का मतलब है Integrated Grievance Redressal System, Uttar Pradesh — यानी उत्तर प्रदेश की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली। यह राज्य के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का आधिकारिक पोर्टल है जो igrsup.gov.in पर मिलता है।

कई लोग IGRSUP और यूपी भूलेख (upbhulekh.gov.in) को एक ही समझते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है। भूलेख खतौनी दिखाता है — यानी राजस्व विभाग का रिकॉर्ड। IGRSUP रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का रिकॉर्ड दिखाता है। सही वेरिफिकेशन के लिए दोनों पोर्टल चेक करना जरूरी है।

IGRSUP पर मिलने वाली सारी सेवाएं

🔍

सम्पत्ति विवरण (Property Search)

जिला, तहसील, गांव, खसरा या गाटा नंबर से रजिस्टर्ड दस्तावेज खोजें। पूरी तरह मुफ्त।

📝

प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन

बैनामे का आवेदन ऑनलाइन जमा करें, SRO स्लॉट बुक करें, ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट जनरेट करें।

💵

स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर

प्रॉपर्टी की जगह, सर्किल रेट और खरीदार के लिंग के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी अपने आप निकाल लेता है।

📄

भारमुक्त प्रमाण पत्र (EC)

बारह साला या तीस साला दस्तावेज ऑनलाइन मंगवाएं। डिजिटल साइन पीडीएफ मिलती है।

🔐

ई-स्टाम्प सत्यापन

किसी भी SHCIL ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट का UIN डालकर उसकी असलियत 30 सेकंड में चेक करें।

📍

अपना कार्यालय जानें

लखनऊ के किसी भी पते, कॉलोनी या गांव के लिए सही SRO का पता लगाएं।

💸

स्टाम्प ड्यूटी रिफंड

अगर बैनामा रद्द हो गया तो 98% तक स्टाम्प ड्यूटी वापस। भुगतान के 6 महीने के भीतर आवेदन जरूरी।

💒

विवाह पंजीकरण

हिंदू और अन्य विवाह का पंजीकरण, प्रमाणित विवाह प्रमाण पत्र इसी पोर्टल से।

📜

प्रमाणित दस्तावेज की कॉपी

पुराने रजिस्टर्ड बैनामे की प्रमाणित कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन।

IGRSUP पर प्रॉपर्टी सर्च — स्टेप बाय स्टेप

1

आधिकारिक IGRSUP वेबसाइट खोलें

ब्राउजर में igrsup.gov.in टाइप करके खोलें। बाईं तरफ मेनू में सम्पत्ति विवरण या Property Details लिखा मिलेगा। खास बात: इसके लिए कोई अकाउंट या लॉगिन नहीं चाहिए।

📍 आधिकारिक पता: igrsup.gov.in → सम्पत्ति विवरण
2

शहरी या ग्रामीण प्रॉपर्टी — सही विकल्प चुनें

अगले पेज पर दो ऑप्शन आएंगे — ग्रामीण सम्पत्ति और शहरी सम्पत्ति। लखनऊ में गोमती नगर, इंदिरा नगर, अलीगंज शहरी में आते हैं। मोहनलालगंज, मलिहाबाद, बक्शी का तालाब के गांव ग्रामीण में। गलत विकल्प चुना तो रिजल्ट खाली आएगा।

📍 नियम: शहरी = LDA/LMC इलाके | ग्रामीण = ग्राम पंचायत के गांव
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ग्रामीण सर्च के लिए क्या भरें

गांव की प्रॉपर्टी के लिए: जिला (लखनऊ), तहसील/SRO, गांव का नाम, और खसरा/गाटा नंबरसबसे पक्का तरीका: upbhulekh.gov.in से खसरा पहले वेरिफाई कर लें, फिर IGRSUP पर सर्च करें।

📍 टिप: IGRSUP सर्च से पहले upbhulekh.gov.in पर खसरा क्रॉस-चेक जरूर करें
4

शहरी सर्च के लिए क्या भरें

शहरी प्रॉपर्टी के लिए: जिला (लखनऊ) और प्रॉपर्टी आईडी। यह आईडी LMC की हाउस टैक्स रसीद या LDA के आवंटन पत्र पर होती है।

📍 प्रॉपर्टी आईडी कहां मिलेगी: LMC टैक्स रसीद, LDA आवंटन पत्र, या पुराना बैनामा
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कैप्चा भरें और सबमिट करें

स्क्रीन पर दिया कैप्चा कोड ध्यान से भरें। सर्च में आमतौर पर 3 से 10 सेकंड लगते हैं। रजिस्टर्ड दस्तावेज मिलने पर पूरा ट्रांजैक्शन हिस्ट्री आ जाएगी।

📍 ज्यादातर सर्च में 3-10 सेकंड में रिजल्ट मिल जाता है
6

मालिकाना हक की चेन को ध्यान से पढ़ें

ट्रांजैक्शन लिस्ट को पुराने से नए क्रम में पढ़ें। तीन चीजें जरूर कन्फर्म करें: (क) सबसे नया बैनामा जिस नाम पर है वही आज का विक्रेता है, (ख) कोई रेहन बाकी नहीं है, (ग) ट्रांजैक्शन की चेन बिना गैप के लगातार है।

📍 रिजल्ट पेज का स्क्रीनशॉट या प्रिंट जरूर लें

"रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों का अनिवार्य सत्यापन किया जाए — इससे भूमि विवादों में कमी आएगी।"

— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्टाम्प विभाग समीक्षा बैठक (मई 2025, स्रोत: ETV भारत)

₹5,000 में IGRSUP, भूलेख, LDA, RERA, और कोर्ट रिकॉर्ड — सब एक रिपोर्ट में। 48 घंटे में PDF।

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शहरी बनाम ग्रामीण सर्च — पूरा फर्क समझिए

बातशहरी प्रॉपर्टी सर्चग्रामीण प्रॉपर्टी सर्च
कौन देखता है प्रॉपर्टीLMC या LDAग्राम पंचायत और राजस्व विभाग
लखनऊ के उदाहरणगोमती नगर, इंदिरा नगर, अलीगंज, हजरतगंजमोहनलालगंज, बक्शी का तालाब, मलिहाबाद, ककोरी
क्या भरना हैजिला + प्रॉपर्टी आईडीजिला + तहसील + गांव + खसरा/गाटा नंबर
पहचान कहां मिलेगीLMC टैक्स रसीद, LDA आवंटन पत्रupbhulekh.gov.in खतौनी, राजस्व रिकॉर्ड
सबसे आम गलतीगलत प्रॉपर्टी आईडी या ग्रामीण डेटाबेस में सर्चगलत तहसील या खसरा नंबर में अंक गलत
साथ चेक करेंldalucknow.in + यूपी रेराupbhulekh.gov.in

लखनऊ में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क 2026

💰 लखनऊ स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज 2026

  • पुरुष खरीदार — 7% स्टाम्प ड्यूटी + 1% रजिस्ट्री शुल्क = कुल 8%
  • महिला खरीदार — 6% स्टाम्प ड्यूटी (10 लाख तक) फिर 7% + 1% रजिस्ट्री
  • महिला छूट (जुलाई 2025) — 1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी पर 1% अतिरिक्त छूट
  • संयुक्त खरीदार (पति + पत्नी) — 6.5% स्टाम्प + 1% रजिस्ट्री
  • रक्त संबंधी में दानपत्र — सिर्फ ₹5,000 फ्लैट स्टाम्प ड्यूटी
  • गणना का आधार — लेनदेन मूल्य या सर्किल रेट, जो ज्यादा हो

IGRSUP सर्च में होने वाली 5 सबसे बड़ी गलतियां

🚨 गलती 1 — गांव की खसरा पर शहरी सर्च

यह सबसे आम गलती है। मोहनलालगंज के गांव में प्लॉट देखने वाला खरीदार शहरी सर्च कर देता है, रिजल्ट खाली आता है, और वह समझ लेता है कि प्रॉपर्टी पर कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। हमेशा पहले तय करें — प्रॉपर्टी नगर निगम/LDA इलाके में है या ग्राम पंचायत में।

🚨 गलती 2 — गलत तहसील चुनना

लखनऊ जिले में कई तहसीलें और SRO हैं। सुशांत गोल्फ सिटी की प्रॉपर्टी सरोजिनी नगर तहसील में आती है, लखनऊ सदर में नहीं। सर्च फॉर्म भरने से पहले upbhulekh.gov.in पर सही तहसील क्रॉस-चेक करें।

🚨 गलती 3 — खसरा नंबर में अंक की गलती

लखनऊ के गांवों में खसरा नंबर 3 से 5 अंक के होते हैं, कई बार सब-डिवीजन के साथ (जैसे 234/1)। एक अंक गलत होने पर रिजल्ट खाली आएगा। हमेशा खसरा आधिकारिक खतौनी से ही कॉपी करें।

🚨 गलती 4 — खाली रिजल्ट पर जल्दी भरोसा करना

IGRSUP पर खाली रिजल्ट का मतलब यह नहीं कि प्रॉपर्टी अनरजिस्टर्ड है। प्रॉपर्टी 2005 से पहले की हो सकती है या सर्च पैरामीटर गलत हों। खाली रिजल्ट मिले तो SRO में मैनुअल सर्च करानी चाहिए।

🚨 गलती 5 — यूपी भूलेख से क्रॉस-चेक न करना

अगर IGRSUP पर विक्रेता का नाम है पर यूपी भूलेख पर किसी और का नाम है — यह सीधा रेड फ्लैग है। दोनों पोर्टल चेक करना हर वेरिफिकेशन में अनिवार्य है।

अनिवार्य

ई-स्टाम्प सत्यापन

किसी भी SHCIL ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट का UIN नंबर डालें और 30 सेकंड में असलियत चेक करें। नकली स्टाम्प पेपर पकड़ने का सबसे तेज तरीका।

अनिवार्य

अपना कार्यालय जानें

लखनऊ के किसी भी पते के लिए सही SRO का पता लगाएं। EC आवेदन, रजिस्ट्री और दाखिल खारिज से पहले जरूरी।

उपयोगी

स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर

प्रॉपर्टी की डिटेल्स भरिए और तुरंत स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज जान लीजिए।

उपयोगी

IGRSUP इंडेक्स सर्च

5 दिसंबर 2017 के बाद रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी के लिए पते, तहसील, कॉलोनी से सर्च।

सिर्फ IGRSUP काफी नहीं — और क्या चेक करना जरूरी

"उत्तर प्रदेश में LDA की 241 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं जहां रजिस्ट्री तो हो जाती है पर बाद में नक्शा पास नहीं होता और मकान गिराए जाते हैं।"

— अमर उजाला रिपोर्ट, 2025

IGRSUP पहली छलनी है, पर अकेले पूरा वेरिफिकेशन नहीं। IGRSUP यह नहीं बताता कि कॉलोनी LDA की अवैध कॉलोनी लिस्ट में है या नहीं, विक्रेता पर चल रहा कोई कोर्ट केस है या नहीं, और NHAI या AAI की जमीन-अधिग्रहण की कोई पाबंदी है या नहीं।

डिजिटल रजिस्ट्रेशन का सफर — यूपी में कैसे पहुंचे यहां तक

2005

उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन विभाग का कंप्यूटराइजेशन शुरू। SRO में पेपर रजिस्टर्ड दस्तावेज धीरे-धीरे डिजिटल फॉर्मेट में बदलने लगे।

दिसंबर 2017

IGRSUP इंडेक्स फीचर लॉन्च — जिससे प्रॉपर्टी आईडी के बिना भी पते और मोहल्ले से सर्च संभव हुई।

2020

कोविड के बाद ऑनलाइन ई-स्टाम्प और ऑनलाइन EC आवेदन पर जोर। SHCIL के साथ ई-स्टाम्प सत्यापन टूल जुड़ा।

मई 2025

सीएम योगी की समीक्षा बैठक में महिला स्टाम्प छूट की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ करने का प्रस्ताव।

22 जुलाई 2025

यूपी कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी — महिलाओं को 1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी पर 1% स्टाम्प ड्यूटी छूट लागू।

2026

IGRSUP पर 20+ साल का रजिस्ट्रेशन डेटा सर्च योग्य। लखनऊ जिले के पांचों SRO पूरी तरह डिजिटल।

DSD प्रॉपर्टीज से पूरा वेरिफिकेशन क्यों करवाएं

IGRSUP पर खुद सर्च करना सबसे पहला और बिल्कुल जरूरी कदम है। पर लखनऊ के प्रॉपर्टी मार्केट में जो जोखिम छिपे होते हैं वे सिर्फ एक पोर्टल से नहीं पकड़े जाते। DSD प्रॉपर्टीज की ₹5,000 वाली वेरिफिकेशन सेवा यह सारे काम एक ही रिपोर्ट में करती है — 48 घंटे में पीडीएफ रिपोर्ट मिलती है।

IGRSUP, यूपी भूलेख, LDA, यूपी रेरा और कोर्ट — सब एक जगह।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. IGRSUP क्या है और इसका पूरा नाम क्या है?

IGRSUP का पूरा नाम है Integrated Grievance Redressal System, Uttar Pradesh यानी उत्तर प्रदेश एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली। यह यूपी स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग का आधिकारिक पोर्टल है जो igrsup.gov.in पर मिलता है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी भुगतान, प्रॉपर्टी सर्च, EC आवेदन, ई-स्टाम्प सत्यापन और विवाह पंजीकरण की सेवाएं देता है।

2. IGRSUP पर लखनऊ में प्रॉपर्टी सर्च कैसे करें?

igrsup.gov.in पर जाएं और सम्पत्ति विवरण पर क्लिक करें। ग्रामीण और शहरी में से सही विकल्प चुनें। ग्रामीण के लिए जिला, तहसील, गांव और खसरा नंबर भरें। शहरी के लिए जिला और प्रॉपर्टी आईडी भरें। कैप्चा भरकर सबमिट करें। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और लॉगिन नहीं चाहिए।

3. क्या IGRSUP प्रॉपर्टी सर्च मुफ्त है?

हां, IGRSUP पर बेसिक प्रॉपर्टी सर्च बिल्कुल मुफ्त है और किसी रजिस्ट्रेशन या लॉगिन की जरूरत नहीं है। जो सेवाएं पैसे से हैं वे हैं — प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस, स्टाम्प ड्यूटी भुगतान, EC आवेदन (200-500 रुपये), और प्रमाणित कॉपी की मांग।

4. IGRSUP और यूपी भूलेख में क्या फर्क है?

IGRSUP स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग का पोर्टल है जो रजिस्टर्ड दस्तावेज — बैनामा, रेहन, दानपत्र — दिखाता है। यूपी भूलेख राजस्व विभाग का पोर्टल है जो खतौनी के जरिए मौजूदा मालिकाना हक दिखाता है। पूरे वेरिफिकेशन के लिए दोनों चेक करने चाहिए।

5. IGRSUP पर कितने पुराने रिकॉर्ड मिलते हैं?

IGRSUP के डिजिटल रिकॉर्ड भरोसेमंद तरीके से 2005 से अब तक के हैं और 2017 से डेटा ज्यादा पूरा मिलता है। 2005 से पहले के लेनदेन के लिए SRO में मैनुअल सर्च करवानी पड़ती है।

6. लखनऊ में 2026 में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क कितना है?

पुरुष खरीदार के लिए 7% स्टाम्प ड्यूटी + 1% रजिस्ट्री शुल्क = कुल 8%। महिला के लिए 10 लाख तक 6%, उसके बाद 7% + 1%। जुलाई 2025 की कैबिनेट अधिसूचना के तहत महिलाओं को 1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी पर 1% अतिरिक्त छूट। रक्त संबंधियों के बीच दानपत्र पर सिर्फ ₹5,000 स्टाम्प ड्यूटी।

7. क्या IGRSUP पर ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट सत्यापित कर सकते हैं?

हां, IGRSUP पर ई-स्टाम्प सत्यापन टूल है। ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट से UIN, जारी तिथि और ड्यूटी का प्रकार भरें और Verify क्लिक करें। 30 सेकंड में पता चल जाएगा कि ई-स्टाम्प असली है, रद्द है या अमान्य।

8. लखनऊ की मेरी प्रॉपर्टी के लिए कौन सा सब-रजिस्ट्रार ऑफिस सही है?

लखनऊ में पांच SRO हैं — लखनऊ सदर (मध्य लखनऊ), सरोजिनी नगर (सुशांत गोल्फ सिटी, शहीद पथ, वृंदावन योजना), मलिहाबाद (पश्चिमी ग्रामीण पट्टी), मोहनलालगंज (दक्षिणी ग्रामीण), और बक्शी का तालाब (उत्तरी ग्रामीण)। IGRSUP पर "अपना कार्यालय जानें" से सही SRO पता लगाएं।

9. IGRSUP पर रिजल्ट खाली आए तो क्या करें?

पहले चेक करें — शहरी या ग्रामीण सही चुना या नहीं, तहसील सही है या नहीं, खसरा नंबर में कोई अंक गलत तो नहीं। अगर सब कुछ सही है और फिर भी रिजल्ट नहीं आता तो प्रॉपर्टी 2005 से पहले की हो सकती है — संबंधित SRO में जाकर मैनुअल रिकॉर्ड सर्च करवाएं।

10. क्या IGRSUP से EC (भारमुक्त प्रमाण पत्र) के लिए आवेदन कर सकते हैं?

हां, IGRSUP पर भारमुक्त प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 200-500 रुपये फीस ऑनलाइन भरें। डिजिटल साइन पीडीएफ आमतौर पर 2-15 दिन में मिल जाती है। बैनामा से पहले EC लेना हर खरीदार के लिए जरूरी है।

नोट: इस लेख की जानकारी IGRSUP के आधिकारिक पोर्टल, यूपी स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, यूपी कैबिनेट अधिसूचना (जुलाई 2025), आज तक, दैनिक जागरण, ईटीवी भारत और अमर उजाला की रिपोर्ट्स पर आधारित है। वेबसाइट की दरें और प्रक्रिया बदल सकती हैं — अंतिम फैसले से पहले igrsup.gov.in से सत्यापन अवश्य करें।

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Sanjay Kumar

Author · DSD Properties

Sanjay Kumar is a property legal advisor with deep expertise in documentation, registrations, and dispute resolution. With more than 15 years in the field, he ensures that every property transaction is safe, compliant, and stress-free for his clients.

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