महत्वपूर्ण सूचना: शासन की अनुमति का इंतजार • April 2026
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, अवैध प्लाटिंग और सट्टेबाजी को रोकने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब फाइल अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेज दी गई है।
1. क्या अभी रजिस्ट्री पर रोक लग चुकी है?
सुल्तानपुर रोड और किसान पथ के किनारे विकसित हो रही आईटी सिटी योजना के दूसरे चरण को लेकर बाजार में कई अफवाहें हैं। हकीकत यह है कि अभी जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगी नहीं है, बल्कि इसे रोकने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एलडीए के प्रस्ताव पर लखनऊ जिलाधिकारी (DM) ने अपनी मुहर लगा दी है। अब अंतिम आदेश उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी किया जाना है, जो इसी महीने किसी भी दिन आ सकता है।
जैसे ही शासन से हरी झंडी मिलेगी, इन 11 गांवों की जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि भू-माफिया इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां विकसित न कर सकें और आईटी सिटी एलडीए प्लॉट्स के मास्टर प्लान को कोई नुकसान न पहुंचे।
2. प्रभावित होने वाले 11 गांवों की सूची
प्रशासन ने उन 11 गांवों को चिह्नित कर लिया है जो आईटी सिटी के 1054 हेक्टेयर के दायरे में आ रहे हैं। यदि आपकी जमीन इन गांवों में है, तो लेनदेन से पहले ऑनलाइन मालिकाना हक (Bhulekh) की स्थिति जरूर जांच लें:
3. लैंडपूलिंग बनाम अनिवार्य अधिग्रहण (Acquisition)
एलडीए अब तक लैंडपूलिंग नीति के तहत 234 हेक्टेयर जमीन भू-स्वामियों से ले चुका है। इस नीति में जमीन के बदले मालिक को 25% विकसित जमीन वापस मिलती है। हालांकि, योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अभी भी 800 हेक्टेयर जमीन की और जरूरत है।
चूंकि लैंडपूलिंग की गति थोड़ी धीमी रही है, इसलिए प्राधिकरण ने अब अनिवार्य अधिग्रहण (Acquisition) की प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया है। रजिस्ट्री पर रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कोई भी निजी व्यक्ति जमीन का सौदा न कर सके। यह सुलतानपुर रोड रियल एस्टेट के भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ है।
DSD स्टार्टअप विशेष सलाह:
"निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इन 11 गांवों में किसी भी कच्चे प्लॉट या अनअप्रूव्ड कॉलोनी में पैसा न लगाएं। आदेश किसी भी दिन आ सकता है और उसके बाद आपका पैसा फंस सकता है। सुरक्षित निवेश के लिए हमेशा एलडीए की अवैध कॉलोनी लिस्ट की जांच करें और जिला पंचायत की तुलना में एलडीए प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दें।"
5. रजिस्ट्री पर रोक के बाद क्या होगा?
जैसे ही शासन का आदेश लागू होगा, इस क्षेत्र में जमीनों की सप्लाई सीमित हो जाएगी। इससे पहले से विकसित और मंजूरशुदा प्रोजेक्ट्स, जैसे गोमती नगर विस्तार और आसपास के रेरा-अप्रूव्ड टाउनशिप की कीमतों में 15-20% की तेजी आने की उम्मीद है। हमारे 2026-2027 मार्केट प्रेडिक्शन के अनुसार, सुल्तानपुर रोड अब प्रीमियम निवेश का केंद्र बनने जा रहा है।